छिछोरे मूवी बॉक्स ऑफिस कलेक्सशन (संग्रह) - gyan hours


नमस्कार दोस्तों, इस पोस्ट में आज हम Chichore Movie Review पर चर्चा करेंगे।  इस पोस्ट में हम Chichhore Movie Box Office Collection, Chhichhore, Movie Review, Chhichhore Movie Budget Chhichhore मूवी कहानी और आदि के बारे में चर्चा करेंगे| 

छिछोरे मूवी एक कालेज कहानी पर आधारित मूवी है। अधिकतर कॉलेज पर आधारित फिल्में हमें अपने कॉलेज के दिनों की याद दिला देती हैं या फिल्म भी कुछ ऐसी ही है। यह फिल्म एक रोमांटिक एवं ड्रामा मूवी है। इस फिल्म को डायरेक्ट किया है। नितेश तिवारी जी ने तो आइए हम इस फिल्म की कहानी के बारे में जानते हैं।

Chhichhore movie box office collection

Chhichhore Movie Rating
Imdb : 8.1/10
Justdail : 8.1/10
Nowrunning : 3/5
Movie Budget : ₹ 50 crore 
Box office Collection  :  ₹ 215 crore

रिलीज की तारीख : 6 सितंबर 2019
निर्देशक : नितेश तिवारी
संगीत : प्रीतम संगीत
फिल्म अवधि : 2 घंटे 25 मिनट 38 सेकंड
अभिनेता : शुशांत सिंह राजपूत, श्रद्धा कपूर, वरुण वर्मा, प्रतीक बब्बर, ताहिर राज, बेज़ेन आदि।

छिछोरे मूवी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (रिव्यू) :  छिछोरे मूवी में मुख्य एक्टर का किरदार सुशांत सिंह राजपूत ने निभाया है और मुख्य एक्ट्रेस का किरदार श्रद्धा कपूर ने निभाया है। इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत का नाम अनिरुद्ध और श्रद्धा कपूर का नाम माया रहता है और इस मूवी में श्रद्धा कपूर सुशांत सिंह राजपूत की X-पत्नी रहती है।

तो चलिए हम लोग फिल्म के अनुसार चलते हैं तो कहानी का आरंभ एक तलाकशुदा जोड़े से होता हैं जिसका नाम अनिरुद्ध (सुशांत सिंह राजपूत) और माया (श्रद्धा कपूर) होता है और उनका एक बेटा है जिसका नाम राघव है जो की JEE की तैयारी करके JEE की परीक्षा दे चुका होता है और वह अपने रिजल्ट को लेकर डिप्रेशन में जी रहा होता है।

उसे लगता है कि यदि मैं परीक्षा पास नहीं कर पाया तो मैं एक लूजर कहलाऊँगा और उसे लगता है कि वह परीक्षा ही उसकी जिंदगी है। रिजल्ट आने के बाद उसे पता चलता है कि वह जेईई की परीक्षा में पास नहीं हुआ और उस समय वह अपनी बिल्डिंग की बालकनी पर बैठा होता है और जब उसे पता चलता है कि वह परीक्षा में पास नहीं हुआ तब वह उसी बालकनी से अपने दोस्त के सामने ही नीचे कूद जाता है और कूदने से पहले उसने अपने दोस्त से एक बात कही होती है।

"मेरे पापा भी रैंकर,मेरी मां भी रैंकर "पर मैं एक लूजर हूं।"

राघव के छत से कुद जाने के बाद उसका दोस्त राघव के पापा को फोन करता है और राघव को हॉस्पिटल ले जाया जाता है। राघव के पापा एवं उसकी मां सीधे अस्पताल में पहुंचते हैं। डॉक्टर ने राघव का इलाज किया और उसके मां-बाप से कहा कि राघव की सिचुएशन बहुत ही कमजोर है। राघव तभी बच सकता है जब उसमें जीने की इच्छा हो परंतु राघव मरना चाहता है, वह जीना नहीं चाहता है।

इस बात को सुनकर राघव के पापा अनिरुद्ध (सुशांत सिंह राजपूत) राघव को अपने कॉलेज में लूजर होने की कहानी सुनाते हैं। कहानी का आरंभ होता है। अनिरुद्ध को H-4 (हॉस्टल नंबर 4) दिया जाता है और उस हॉस्टल के विद्यार्थी को लूजर कहा जाता था। उस हॉस्टल में अनिरुद्ध के कई दोस्त बनते हैं जो कि एकदम छिछोरे किस्म के इंसान होते हैं और उनका एक ग्रुप होता हैं जिसमे अनिरुद्ध भी शामिल हो जाते हैं। उस ग्रुप के विद्यार्थियों के नाम निम्न है।

और तब एक दिन अनिरुद्ध की मुलाकात माया से होती है और अनिरुद्ध को माया से प्यार हो जाता है और उनकी लव स्टोरी का आरंभ होता है। इसके बाद अनिरुद्ध को पता चलता है कि h4 को लूज़र इसलिए कहा जाता था क्योंकि H-4 कभी भी स्पोर्ट्स में नहीं जीत पाया था और फिर अनिरुद्ध और उनके साथी बहुत ही मेहनत करते हैं। इस सपोर्ट को जीतने के लिए और इस सपोर्ट के लिए टीम का हर मेंबर अपने सबसे पसंदीदा चीज को दांव पर लगाता है। इस sport को जीतने के लिए।

टीम के हर मेंबर कि कसमे में कुछ इस प्रकार थी जैसे कि सेक्सा का अपनी बंटी के साथ ना खेलना, अनिरुद्ध का माया से बातें ना करना, मम्मी का अपनी मम्मी से बातें न करना आदि H-4 जीतता हुआ आगे बढ़ता हैं और आखिरी में H-4सबसे खतरनाक टीम से भीड़ता है जो की चैंपियन टीम H3 होती है और जिसमें चार गेम होते हैं और यदि 4 गेम h4 जीत लेता है तो वह जीत जाएगा और h4 को लूजर के टैग से छुटकारा मिल जाएगा।

चारों गेम में h4 तीन गेम को जीत लेता है और अब बारी होती है। गेम 4 की जो की वॉलीबाल का गेम होता है जिसमें h4 की टीम के मुख्य अनिरुद्ध होते हैं। गेम शुरू किया जाता है और गेम को खेलते खेलते लास्ट में आखिरी गोल अनिरुद्ध मारना चाहते हैं जिससे वह गेम जीत जाते लेकिन बाल गोल में नहीं जा पाता है जिससे H-4 फिर से हार जाता है और लूजर बन जाता है।

राघव अपने पापा की इतनी कहानी सुनने के बाद यह समझ गया कि लूजर होकर के भी जिंदगी खत्म नहीं हो जाती है और अब राघव को जीने की एक उम्मीद मिल जाती है और राघव का ऑपरेशन होता है और राघव ठीक हो जाता है और इस फिल्म की समाप्ति होती है।

छिछोरे मूवी रिव्यू एंड रेटिंग : दोस्तों उम्मीद है कि आप को इस फिल्म के बारे में सब कुछ पता चल गया होगा। यदि आपको यह पोस्ट अच्छा लगा तो इस पोस्ट को अपने दोस्त के साथ शेयर करें और इस फिल्म पर रेटिंग जरूर दें।


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